Verse 135 – दिल – Heart

कौन अचानक आ धमका है दिल काँपे थर थर ,
आहट किसके पैरों की है जो करती गड़बड़ |
किसकी खुशबू कर जाती है आकर मस्त-मलंग ,
बैठ अकेले सोच रहा हूँ एकल मेरा घर ||