Verse 191-नास्तिक-Atheist

मंदिर-मस्जिद मैं न जाऊँ, इन्सां मैं अक्खड़ ,
हिन्दू समझे नास्तिक हूँ मैं मुस्लमान काफ़िर।
नाम वियोगी इश्क़ हुआ है मुझको कविता संग ,
इसी लिए कविता देवी को पूजन अपने घर ||