Verse 133 – दर्द – Pain

प्रीत लड़ी जो टूटे उसमें गांठ लगा ले, पर,
धागा फिर भी जुड़ है गांठ ना जाए पर |
कड़वे बोल लगाते आए दिल पे गहरे घाव ,
दुःख की बारिश में निश्चित ही टपके ऐसा घर ||