Verse 168-ज़िन्दगी- Life

मैं नौसिखिया, और कठिन है जीवन का सफर,
मेरे बस में रूह क्या होगी, बस में नहीं है धड़ |
मुझे ज़िंदगानी से ना नफरत ना प्यार,
इसीलिए शायद है मेरा बिलकुल खाली घर ||