Verse 181-जवान -Soldiers

हाथ जोड़ के वंदन करना गए जो जम्मू नगर,
शीश झुका कर उसकी मिट्टी का करना आदर।
रक्त से इसको सिंचित करते बेटे शेर जवान,
बेशक बंजर कहलाता है पर वीरों का घर ||