Verse 46 – घर – Home

तीर्थ स्थान मिले बेगाने, हर एक तीर्थ पर,
गर्व करें अपनी भक्ति पर बड़े-बड़े मंदिर |
भक्त हैं एक-दूजे को देते पते-आशीषें-भेंटें,
पर सब जाते सुख पाने को अपने-अपने घर ||