Verse 164- मंत्र- Chants

किस को मिला है ठौर-ठिकाना मंत्र जपने पर,
दिव्य ष्टि देती है भक्ति खुलें हैं इसके दर |
जिससे जिसे प्रेम हो जाए,  धरे वह उसका ध्यान,
जंतर-मंतर सब  धोखा है घर में मिलता घर ||

Verse 90-झिण्डी – Shrimp

‘झिड़ी’ के मेले यात्री आकर करते हैं ‘जातर’,
चिंताओं में आकुल होकर सीखते हैं मंतर |
वहम दिलों के, भूत न निकले, जातर-वातर करके,
वहम के कारण भूत-बंगले बनें है उनके घर ||