Verse 182-केहरि सिंह “मधुकर”-Kehri Singh “Madhukar”

बदल भैया बरसोगे जब डुग्गर देश में जाकर,
मिलना उससे जिसका नाम है केहरि सिंह ‘मधुकर’ |
मेरी वाह-वाह देकर उसको ‘डोली’ कविता पर,
उसका उत्तर बिना सुने ही लौट आना तुम घर ||