Verse 152-जीवन काल -Life cycle

सोचें जो-क्या होगा जग का यदि गए वे मर ,
उनके बिना चलेगा कैसे सृष्टि का चक्कर |
उनकी देह को कीड़े खाते, समय बड़ा बलवान,
सृष्टि चलती रहती बनती कब्रें उनका घर ||