Verse 122 – फूल – Flower

जीवन क्या है ? घास का तिनका, मैं सोचूँ अक्सर,
अथवा फूल क्यारी का है रंग बहुत सुन्दर |
एक हवा के झोंके से ही बिखरे फूल और पात,
जिस घर उगते फूल वो बनता अजब अनोखा घर ||