Verse 189-हर्षित-Joyful

ढोली ढोल बजा कर कहता कर ले तू ‘जातर’,
संग मसान के खेल-कूद ले नाच ताल के ऊपर |
मैं तो डग-डग थाप लगाऊँ, जो भी मन को भाए,
नाच ले , या अनमना बैठ धुन्धुआता रह तू घर ||