Verse 26 – शराब – Alcohol

मज़दूर के पैसे लेके जाता ठेके पर,
घर आकर फिर गर्जन करता यह कंजरी का घर |
प्रेत नशा, न दिखते उसको बच्चे भूखे-प्यासे,
घर घोंसला होता है जो समझे उसको घर ||