Verse 200-सपने-Dreams

सपनो के आकाश में साथी नीचे तनिक उतर ,
हाथ सलामत तेरे इनसे काम ज़रा तू कर |
बिन उद्यम के सपने तो साकार नहीं है होते ,
पुरुषार्थ साकार है करता सपनो वाला घर ||