Verse 196-आयु -Age

लोग कह रहे मैं जियूँगा सौ-सौ वर्षों भर,
माथे की रेखाओं पर ही करता है निर्भर।
पर मैं करूँ दुआएं चाहे दो पल जीवन पाऊँ ,
किन्तु हों मदमस्त सभी पल, मधुशाला हो घर ||