Verse 195-वेदना -Anguish

कहे वेदना कलाकार से सुन मेरे मित्र ,
निपट अकेली रेखाओं से बना रहा चित्र।
तेरे चित्रों में जीवन की रंगत तब झलकेगी ,
जब मेरे हित खाली रखोगे तुम मन का घर ||