Verse 213-कलयुग -Kalyug

समय विकट वह आने वाला लोगों के ऊपर ,
नाम के बदले जब व्यक्ति का होगा बस नंबर |
मैं सुविधा के खातिर लूँगा तब वह नंबर केवल ,
लिखा जो बिजली वालों ने है आकर मेरे घर ||

Verse 121 – आज – Present

आज तो बस है आज कहूँ मैं चल तू इसी डगर,
इंतज़ार ही आया हिस्से कल ना आया मगर |
आज को आज ही भोगूँगा कल की जाने कौन,
कल न जाने किसका होगा आज है मेरा घर ||