Verse 82- विचार- thoughts

जितने मन हैं उतनी सोचें उतने ही अंतर,
अपने-अपने नाप से सब के बनते हैं वस्र |
भेद सोच का है यह सारा, अपनी-अपनी खोज,
जिसको जैसा भाया, वैसा लिया बनाए घर ||