Verse 200-सपने-Dreams

सपनो के आकाश में साथी नीचे तनिक उतर ,
हाथ सलामत तेरे इनसे काम ज़रा तू कर |
बिन उद्यम के सपने तो साकार नहीं है होते ,
पुरुषार्थ साकार है करता सपनो वाला घर ||

Verse 33 – हठ – Persistence

कठिन दिशा गर पकड़ी है तू रास्ता पूरा कर,
वार्ना दुनिया कर देती है अपमानित दर-दर|
मुश्किल को जो आसां करके घर को तुम लौटोगे,
अभिनन्दन को मचल देगा हश-हश करता घर||

Verse 36 – सतत – Perseverance

शौक अनोखा पाला है गर मन मंदिर के अंदर,
साध बना लो उसको अपनी सब साधों से ऊपर |
भूख और लोभ को दिल से त्यागो, उसकी राह ना छोड़ो,
मिट जाये हस्ती तेरी या उजड़े तेरा घर ||

Verse 10 – कुंज – Bowerbird

मत कर निंदा कुंज की यह तो लम्बा करे सफर,
विश्राम-स्थल की खोज में चाहे थक जाते हैं पर |
ख़ास जगह ही बुने घोंसले , ममता का बंधन ,
लम्बे सफर पे फिर उड़ जाना छोड़ के अपना घर ||