Verse 129-प्रणय-Love

जब मम्मी मंदिर जाती है और डैडी दफ्तर,
मैं खिड़की से करूँ इशारा वो आता अंदर |
पूछ मुझे मत क्या करते हम होता क्या है हाल,
प्रेम-प्यार में तब बनता है घर के अंदर घर ||