Verse 53- सृजन-Create

इसको चूम या फिर डांटे दुनिया पर निर्भर,
इज़्ज़त दे हर्षित होकर या करे इसे दर-दर |
मेरा सत और तप था जितना सुन्दर इसे बनाया ,
मै जैसा भी कारीगर था वैसा बना यह घर ||