Verse 156-जीव-Creature

एक वीर्य की बूँद में लाखों करे सर-सर ,
उनमें शामिल कितने सीज़र, ईसा और अकबर |
लेकिन माँ की कोख के भीतर मुझे स्थान मिला,
इसी लिए मैं कहता मानव-जीवन तुक्का-घर ||