Verse 7 – मेरी जिद- My Insistence

जीवन तरसायेगा, कुचलेगा कब तक आखिर,
मई वियोगी ज़िद है मेरी अड़ियल ज्यों खच्चर |
चाबुक खून चुभन सहूँ पर न छोडूं यह ज़िद ,
घर बनाने आया हूँ तो,निश्चित बनेगा घर ||