Verse 109-स्वामी-Master

‘राजपूत-स्कूल’ में पढ़ते ,जम्मू के अंदर
बेली राम हुआ करते थे हिस्ट्री के मास्टर |
ऐसा सबक पढ़ाया उन्होंने इस जीवन का सुन्दर
भूला नहीं, तभी बन पाया दिव्य मेरा यह घर ||