Verse 226-कुंजों- Bower

‘कुंजों’ की निंदा होती है-देश है यह डुग्गर,
छोटे पंखिन से सीमित है इनका सदा सफर |
अन्य कोई भाषा न करती कुंजों का तिरिस्कार ,
इसी लिए की इन कुंजों के बहुत दूर है घर ||

Verse 221-चिंता – Tensions

हम आये थे इस दुनिया में बिन दौलत बिन ज़र ,
उम्र बिताई चिंताओं में रहे काँपते थर-थर।
अंत में सत्य समझ यह आया सोच है यह बेकार ,
पुरखे गए, तो हम भी आखिर छोड़ेंगे यह घर ||

Verse 198-इकाई -Unit

नहीं हो एक इकाई , मात्र हो तुम एक सिफर,
गांठ-बांध ले बात यह मेरी करता चल सफर |
राशि बनती एक इकाई शुन्य जो संग जुड़े ,
शुन्य अकेला उसकी तरह जिसका कोई न घर ||

Verse 151-जीवन यात्रा-Life journey

हम मुसाफिर, जीवन टैक्सी, चालक परमेश्वर,
रिश्ता आपस में तीनों का सादा और मुख’सर |
कोई पुकारे,  रोके टैक्सी फ़ौरन लेता सुन,
जेब में अगर किराया हो तो झट पहुँचता घर ||

Verse 10 – कुंज – Bowerbird

मत कर निंदा कुंज की ये तो लम्बा करे सफर,
विशराम-स्थल की खोज में चाहे थक जाते है पर|
खास जगह ही बने घोंसला , ममता का बंधन ,
लम्बे सफर पे फिर उड़ जाना छोड़ के अपना घर

Verse 84-छाँव – Shade

असमंजस है ऐसा कुछ न सूझे इधर-उधर,
पूछ रहा पत्ते-पत्ते से बस्ती बसी किधर |
है किस ओर ठिकाना मेरा, मुझे चाहिए छाँव,
तपती जलती धूप में जल कर ढूंढूं अपना घर ||

Verse 137 – भाग्य – Destiny

होनी तो होकर रहती है काहे करे फिकर,
तभी कहूँ मैं प्यार तू करले, करले प्यार तू कर |
मिलन ख़ुशी लेकर आएगा, देगा दुःख वियोग,
घर न अपना कहलाएगा, खाली सूना घर ||

Verse 10 – कुंज – Bowerbird

मत कर निंदा कुंज की यह तो लम्बा करे सफर,
विश्राम-स्थल की खोज में चाहे थक जाते हैं पर |
ख़ास जगह ही बुने घोंसले , ममता का बंधन ,
लम्बे सफर पे फिर उड़ जाना छोड़ के अपना घर ||