Verse 27 – अल्लाह का घर – God’s House

मंदिर मस्जिद और गिरजों में उमड़े जन के लष्कर,
पाप कमाई बख्षाने को आते हैं अक्सर।
वहम उन्हें है धोखे से ‘वो’ बन जाएगा मूर्ख,
सब का लेखा यहाँ पे रहता यह अल्लाह का घर।।

Verse 35 – दफ्तर – Office

झूठ , फरेब ,होड़, षड़यंत्र होते हर दफ्तर,
खींचातानी, ताक-झांक, हेरा-फेरी और डर |
यह कूड़ा गर घर ना लाओ, रखो इससे पाक,
छोटे-बड़े कुशल खुश होकर रहते ऐसे घर |