Verse 3 – जी ले – Live

करले खर्च कमाई साड़ी जीवन है नश्वर ,
मिटटी की काया मिलनी है मिटटी के अंदर |
नहीं रहेंगे गीत गवैये ना दौलत ना आस ,
तुझको भी माटी होना है माटी होगा घर ||