Verse 139 – कर्म – Karma

छत टपके है टप-टप  मेरी, हे मेरे गुरुवर,
भैंस ब्याहे बीते  बरसों, बैल चोर के घर |
तब मानूँ जो कहो ना, मेरे कर्मों में थी खोट,
बैठ मेरे संग सोच-विचारो टपके क्यों कर घर ||