Verse 218-दव -Kismet

देखी एक मुद्दत बाद आज एक मज़ेदार पिक्चर ,
लड़की का तो याद नहीं पर हीरो था शंकर।
उससे सबक मिला की अपनी किस्मत को न कोसो ,
खूब सजा कर रखो इसको जैसा भी हो घर ||

Verse 208-पूर्वज -Ancestors

कहे कहावत मात-पिता की करनी भुगतेय पुत्तर ,
लेकिन ऐसी चिंताओं से उठ जा तू ऊपर |
बुरा किया जो पुरखों ने, तू भोग ले उसका अपयश,
पर अच्छाई उनकी लेकर सजा ले पाना घर ||