Verse 171-दुःख-Grief

वास्तु प्राप्त नहीं होती वह दिल मरता जिस पर,
मगर उदासी के होते हैं बहुत ही मीठे सुर।
दुखों की बेला में नादां दिल खुशियों को तरसे,
ख़ुशी मिले तो ग़मों को खोजे भूले-बिसरे घर ||