Verse 165-जंतर-Amulet

चाहे मैं ना मानूँ , लेकिन दूँगा तुझे नहीं अवसर,
नाम लिखा कर तेरा कंठ में डाला है जंतर।
यह न कहना दिल से मैंने दिल नहीं लगाया,
हर कीमत पर हमदम मेरे लाना तुझे है घर ||