Verse 173-गौरेया -Bird

गौरेया सुन्दर नीड़ में दुःख भोगे बन्दर,
‘गज़नी ‘ से यह ध्वस्त हैं करते सारनाथ मंदिर |
तिनका-तिनका करते इसको काफिर-घर कहते ,
पुनः गौरेया उन तिनको से बुनती अपना घर ||