Verse 35 – दफ्तर – Office

झूठ , फरेब ,होड़, षड़यंत्र होते हर दफ्तर,
खींचातानी, ताक-झांक, हेरा-फेरी और डर |
यह कूड़ा गर घर ना लाओ, रखो इससे पाक,
छोटे-बड़े कुशल खुश होकर रहते ऐसे घर |