Verse 137 – भाग्य – Destiny

होनी तो होकर रहती है काहे करे फिकर,
तभी कहूँ मैं प्यार तू करले, करले प्यार तू कर |
मिलन ख़ुशी लेकर आएगा, देगा दुःख वियोग,
घर न अपना कहलाएगा, खाली सूना घर ||