Verse 79 -संगीत-Music

मूढ़ ‘वियोगी’ क्या करता है राजपूत-पुत्तर,
फौजी नौकर होकर काते कविता का सूत्तर |
पंडितों वाला कार्य कर रहा कहता जा रे जा,
सुर की, लय की जात न कोई, रख जातियां घर ||