Verse 190-रूह -Soul

जब भी काँपे रूह तुम्हारी जपता जा हर-हर ,
अल्लाह-अल्लाह राम-राम कोई भेदभाव न कर |
सच्चे मन से जो सोचोगे पूरी होगी बात,
जिसमें चित्त लगाओ, वही रूह का घर ||