Verse 132- दुनिया – World

मेरे प्यार को नज़र लगाती देखे देखे बितर-बितर ,
दुनिया मुझको कुचल-कुचल कर करती है गोबर |
मैं गोबर यह लेकर अक्सर लेपूं वो दीवार ,
जिस जगह पे टंगी है तेरी फोटो मेरे घर ||