Verse 161- आज़ादी -Freedom

मोक्ष और मुक्ति बात है कल्पित मेरे साथ न कर ,
मेरे सीधे सरल ह्रदय को नहीं बना दुष्कर |
मैंने तो बस इतना जाना इतनी मेरी सोच,
आशिक सच्चा इश्क़ करे तो मुक्ति मिलती घर ||