Verse 180-साहसी-Brave

जीना दूभर हो जाए जब बन जा तू निडर ,
हिम्मत टूट गई तो समझो रहे न खोज-ख़बर।
काम पे जाते बेटे को यह कहती निर्धन माँ,
लौट के तुम आ जाना बेटा अपनी माँ के घर ||