Verse 105- तैरना-Swim

हिम्मत टूटे तो ले डूबे जीवन जल-गहवर,
हाथ और पैर चलाता जा तू सिर तू ऊपर कर |
इस गहवर से बचना है तो बन जाओ तैराक ,
तभी घाट पे पहुँचोगे पाओगे अपना घर ||

Verse 138 – न्यून – Small

मन छोटा परवाज़ भी छोटी , क्या छुए अम्बर ,
छोटे दर्द के छोटे मरुस्थल, तड़पन भी लघुतर |
अगर लड़ाई से डर लागे तो चाहे न लड़ ,
लड़ो तो ऐसे,महल बने या उजड़े अपना घर ||