Verse 31 – चोर बजारी – Deception

बहुत मिला धन कुछ लोगो को मिला ना चैन मगर ,
चोर – बाजारी के कारण ही मन में समाया डर
मखमल के गद्दों पर भी न आती नींद उन्हें ,
चोर यदी मन में आ बैठे नरक बने है घर ||