Verse 95-कल -Tomorrow

कल हमेशा कल ही रहता, कुछ तो सोच विचार,
कल का भी कल होता आया रुकता नहीं सफर |
कल पर जिसको टालो होता कभी न पूरा काम,
घर को कल पर छोड़ेंगे तो नहीं बनेगा घर ||