Verse 183-महाकाव्य-Epic

सच्ची कथा नहीं रामायण सुनी थी मैंने ख़बर,
महाभारत भी अफ़्साना है कहते कई चतुर।
झूठी-सच्ची मैं न जानूं सुन्दर बहुत कथा,
इसी लिए चर्चित हैं दोनों आज सभी के घर ||

Verse 138 – न्यून – Small

मन छोटा परवाज़ भी छोटी , क्या छुए अम्बर ,
छोटे दर्द के छोटे मरुस्थल, तड़पन भी लघुतर |
अगर लड़ाई से डर लागे तो चाहे न लड़ ,
लड़ो तो ऐसे,महल बने या उजड़े अपना घर ||