Verse 164- मंत्र- Chants

किस को मिला है ठौर-ठिकाना मंत्र जपने पर,
दिव्य ष्टि देती है भक्ति खुलें हैं इसके दर |
जिससे जिसे प्रेम हो जाए,  धरे वह उसका ध्यान,
जंतर-मंतर सब  धोखा है घर में मिलता घर ||

Verse 146- अति आत्मविश्वास- Overconfidence

एक पैंतरा सही पड़ा तो इतना गर्व न कर ,
जाने उल्टा पड़े दूसरा उसका ध्यान तू कर  |
ख़ुशी-गम में, नहीं मनाना अधिक ख़ुशी या गम ,

समता और संतुलन से बनता सहज सजीला घर ||