Verse 170-इंसान -Humans

मानव अक्खड़ होते हुए भी होता बहुत चतुर,
पड़े ज़रूरत तो कर लेता हृदय को पत्थर।
इसकी जिजीविषा की महिमा है वेदों में वर्णित,
वक्त पड़े तो त्याग दे बिन-झिजके यह अपना घर ||