Verse 208-पूर्वज -Ancestors

कहे कहावत मात-पिता की करनी भुगतेय पुत्तर ,
लेकिन ऐसी चिंताओं से उठ जा तू ऊपर |
बुरा किया जो पुरखों ने, तू भोग ले उसका अपयश,
पर अच्छाई उनकी लेकर सजा ले पाना घर ||

Verse 88-बिकाऊ-Dishonest

यहाँ बिकाऊ हर वस्तु है गिरजे और मंदिर,
बेचने आया मैं भी अपना रोटी खातिर घर |
पर यह मेरी पत न माने करती मिन्नतें-शिकवे,
रोटी और कपड़े की खातिर भाई बेच न घर ||