Verse 212-शालू- Shalu

शालू बीटा गोपी बनती तू लेकर गागर,
‘गिद्दा’ गाती, एक्टिंग करती, और बनती एक्टर।
मेहनत से पढ़- लिख कर तू भी सीख ले थोड़ी हिंदी ,
मानोगी जो ये सीख मेरी फिल्म बनाएंगे घर ||

Verse 211-रश्मि – Rashmi

रश्मि बेटे तू खाती है चीनी और शक्कर,
सुन तू मेरी, तुझे बताऊँ जीवन का इक गुर |
तेरी मीठी-नर्म तबीयत और तेरा यह हठ,
इन्हीं में अनुरूप रचोगी मन-मर्ज़ी का घर ||

Verse 210-पूनम- Poonam

पूनम बेटी बात सुनो तुम तनिक कान धार कर,
जान लो , कोई जान सका न किस्मत का चक्कर|
जो होना है, हो जायेगा, जाने कौन क्या होगा,
तेरे भाग में क्या बताऊँ लिखा है किसका घर ||

Verse 106-बेटियाँ -Daughters

वे योद्धा थे, ज़ालिम थे वे सब है मुझे खबर ,
ज़ुल्म किये मेरे पुरखों ने कैसे बेटियों पर |
वंशावली दिखाते अपनी होती मुझे ग्लानि ,
धिक वीरता, दफनाते नवजात बेटियां घर ||

Verse 30 – डोली – Palanquin

बाबुल कहता है बैठ लाड़ली डोली के अंदर ,
यह वर तेरा , ईश्वर तेरा , वो घर अब मंदिर |
बिटिया पूछे कब लौटूंगी बापू अपने घर ,
बाबुल बोले आज से बेटी वो ही तेरा घर ||