Verse 105- तैरना-Swim

हिम्मत टूटे तो ले डूबे जीवन जल-गहवर,
हाथ और पैर चलाता जा तू सिर तू ऊपर कर |
इस गहवर से बचना है तो बन जाओ तैराक ,
तभी घाट पे पहुँचोगे पाओगे अपना घर ||

Verse 7 – मेरी जिद- My Insistence

जीवन तरसायेगा, कुचलेगा कब तक आखिर,
मई वियोगी ज़िद है मेरी अड़ियल ज्यों खच्चर |
चाबुक खून चुभन सहूँ पर न छोडूं यह ज़िद ,
घर बनाने आया हूँ तो,निश्चित बनेगा घर ||