Verse 14 – झूला – Seesaw

एक ओर महापुरुष विराजे दुनिया के अंदर,
ओर दूसरी तरफ जुगाली करते बैठे जिनावर |
यह मानुष रस्सी का सेतु इस खाई के ऊपर ,
पल भर न निश्चित हो पाए कहाँ है उसका घर ||