Verse 185-औरत-Women

औरत ज़ात तो कैद पड़ी है हर घर के अंदर,
यह हालत अब नहीं रहेगी बहुत देर तक पर।
जिस घर में वह कैदी बनती होती वह प्रलय,
जिस घर रहती देवी बन कर बस बसता वह घर ||