Verse 33 – हठ – Persistence

कठिन दिशा गर पकड़ी है तू रास्ता पूरा कर,
वार्ना दुनिया कर देती है अपमानित दर-दर|
मुश्किल को जो आसां करके घर को तुम लौटोगे,
अभिनन्दन को मचल देगा हश-हश करता घर||